मन पर्दा आँखा गुलाफमा
मन न पर्दा आँखा काँडामा
एउटै नजर हेराइ फरक फरक
एउटै छ मन सोचाइ फरक फरक !
जब स्वार्थ पुर्ण भो माया व्युँझियो
अपेक्षा अधुरो घाउ बल्झियो
एउटै छ मन चाहना फरक फरक
एउटै छ मन सोचाइ फरक फरक !
पखेटा बिना नै उड्न खोज्ने
होश आँउदा धरती नै चाहिने
एउटै छ मन बहाना फरक फरक
एउटै छ मन बुझाइ फरक फरक !
मन न पर्दा आँखा काँडामा
एउटै नजर हेराइ फरक फरक
एउटै छ मन सोचाइ फरक फरक !
जब स्वार्थ पुर्ण भो माया व्युँझियो
अपेक्षा अधुरो घाउ बल्झियो
एउटै छ मन चाहना फरक फरक
एउटै छ मन सोचाइ फरक फरक !
पखेटा बिना नै उड्न खोज्ने
होश आँउदा धरती नै चाहिने
एउटै छ मन बहाना फरक फरक
एउटै छ मन बुझाइ फरक फरक !
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